राष्ट्रीय मेडिकोस संगठन (NMO) NEET परीक्षा में लगातार प्रश्नपत्र लीक पर कड़ी कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय मेडिकोस संगठन (NMO) ने NEET परीक्षा में लगातार हो रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता और तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। वर्ष 2024 के पश्चात वर्ष 2025 में भी, विभिन्न समाचार रिपोर्टों—विशेषकर राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित कोचिंग संस्थानों से जुड़े खुलासों—से यह स्पष्ट है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता गंभीर संकट में है

राष्ट्रीय मेडिकोस संगठन (NMO) NEET परीक्षा में लगातार प्रश्नपत्र लीक पर कड़ी कार्रवाई की मांग
राष्ट्रीय मेडिकोस संगठन (NMO) ने NEET परीक्षा में लगातार हो रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता और तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। वर्ष 2024 के पश्चात वर्ष 2025 में भी, विभिन्न समाचार रिपोर्टों—विशेषकर राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित कोचिंग संस्थानों से जुड़े खुलासों—से यह स्पष्ट है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता गंभीर संकट में है।
NMO का मानना है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि देश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था और प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है।
संगठन की प्रमुख मांगें:
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा
लगातार दो वर्षों तक NEET परीक्षा में लीक की घटनाएं होना स्पष्ट रूप से नीतिगत एवं प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। अतः NMO केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग करता है।
2. दोषियों पर कठोरतम दंड
महाराष्ट्र आधारित आरोपित कुलकर्णी एवं मनीषा को तत्काल शिक्षण सेवा से निष्कासित किया जाए।
उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए आजीवन कारावास दिया जाए।
केंद्र सरकार तत्काल एक केंद्रीय अध्यादेश लाकर प्रश्नपत्र लीक को गंभीर आपराधिक कृत्य घोषित करे तथा इसके लिए आजीवन कारावास का प्रावधान सुनिश्चित करे।
3. सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई
इस प्रकरण में संलिप्त सभी व्यक्तियों को आजीवन कारावास दिया जाए।
उनकी संपत्ति जब्त (Confiscation) की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लग सके।
4. संदिग्ध छात्रों की व्यापक जांच
पूर्व वर्षों में चयनित छात्रों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए।
जिन मामलों में अनियमितता सिद्ध हो, ऐसे छात्रों को मेडिकल कॉलेजों से निष्कासित किया जाए।
यद्यपि यह प्रक्रिया जटिल है, परंतु सुनियोजित जांच तंत्र द्वारा इसे लागू किया जा सकता है।
5. कोचिंग संस्थानों पर पूर्ण प्रतिबंध एवं जांच
NMO देशभर में मेडिकल एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु संचालित कोचिंग संस्थानों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करता है।
इन संस्थानों में पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए।
सभी कोचिंग संस्थानों की आयकर विभाग द्वारा विस्तृत जांच कराई जाए।
अनियमितता पाए जाने पर उनकी संपत्तियां जब्त (Property Confiscation) की जाएं।
संवेदना एवं अपील:
NMO उन सभी छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है, जिन्होंने इस प्रकार की विकृत परीक्षा व्यवस्था के कारण निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाए। यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।
संगठन देश के युवाओं से विशेष अपील करता है कि:
आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है।
जीवन समाप्त करना किसी भी परिस्थिति में उचित विकल्प नहीं है।
यदि कोई छात्र किसी भी प्रकार के विवाद या जांच के दायरे में है, तो भी उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है।
वास्तविक प्रतिभा रखने वाले विद्यार्थी पुनः प्रतिस्पर्धा में सफल हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
NMO का स्पष्ट मत है कि यदि इन घटनाओं पर कठोरतम एवं निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो देश की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में जनविश्वास पूर्णतः समाप्त हो जाएगा। यह केवल परीक्षा प्रणाली का संकट नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वास्थ्य तंत्र की बुनियाद से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उक्त जानकारी डॉ. धनाकर ठाकुर संस्थापक एवं संगठन मंत्री राष्ट्रीय मेडिकोस संगठन (NMO) सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, जनरल मेडिसिन
ने दी है



