पूर्वी सिंहभूम जिला सेवादल कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में सेवादल कांग्रेस का जिला स्तरीय कार्य समिति की बैठक जिला मुख्य संगठक राहुल कुमार ऊर्फ राजा सिंह राजपूत के अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिष्टूपुर में आयोजित हुई
अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र प्रदान कर राजा सिंह राजपूत ने किया कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेवा दल के गठन, उद्देश्य एवं विस्तार पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश को संगठित करने, अनुशासनबद्ध कार्यकर्ताओं की टोली तैयार करने तथा कांग्रेस संगठन को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से “कांग्रेस सेवा दल” का गठन किया गया

जमशेदपुर – पूर्वी सिंहभूम जिला सेवादल कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में सेवादल कांग्रेस का जिला स्तरीय कार्य समिति की बैठक जिला मुख्य संगठक राहुल कुमार ऊर्फ राजा सिंह राजपूत के अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिष्टूपुर में आयोजित हुई।

कार्यसमिति की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सेवादल मुख्य संगठन नवीन कुमार सिंह, बन्ना गुप्ता पूर्व मंत्री, जिला प्रभारी शशिभूषण राय, जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह, मेयर सुधा गुप्ता, कार्यकारीअध्यक्ष अवधेश सिंह, योगेंद्र सिंह यादव प्रभारी-मंच मोर्चा सह जिला उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष (संगठन) संजय सिंह आजाद शामिल हुए। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र प्रदान कर राजा सिंह राजपूत ने किया

कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेवा दल के गठन, उद्देश्य एवं विस्तार पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश को संगठित करने, अनुशासनबद्ध कार्यकर्ताओं की टोली तैयार करने तथा कांग्रेस संगठन को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से “कांग्रेस सेवा दल” का गठन किया गया। यह संगठन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक महत्वपूर्ण सहयोगी एवं अनुशासित स्वयंसेवी संगठन रहा है जिसने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक सामाजिक, राजनीतिक एवं राष्ट्रीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सेवा दल का गठन
कांग्रेस सेवा दल की स्थापना वर्ष 1923 में की गई। इसका प्रारंभिक नाम “हिंदुस्तानी सेवा दल” था। इसकी स्थापना प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रभक्त डॉ. एन. एस. हार्डिकर ने कर्नाटक के हुबली में की थी।
उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ऐसे प्रशिक्षित एवं अनुशासित कार्यकर्ताओं की आवश्यकता थी, जो स्वतंत्रता आंदोलन में संगठित रूप से कार्य कर सकें तथा जनता के बीच राष्ट्रीय चेतना का प्रसार कर सकें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सेवा दल की स्थापना की गई।
बाद में यह संगठन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से औपचारिक रूप से जुड़ गया और इसका नाम “कांग्रेस सेवा दल” रखा गया।
मुख्य अतिथि प्रदेश मुख्य संगठक नवीन कुमार सिंह ने कहा कि सेवादल गठन में प्रमुख व्यक्तियों की भूमिका
सेवा दल के गठन एवं विस्तार में अनेक राष्ट्रीय नेताओं का योगदान रहा, जिनमें प्रमुख हैं—
डॉ. एन. एस. हार्डिकर — संस्थापक एवं मुख्य प्रेरणास्रोत
महात्मा गांधी — अहिंसा, सेवा एवं अनुशासन की प्रेरणा
जवाहरलाल नेहरू — युवाओं को संगठित करने में सहयोग
सरदार वल्लभभाई पटेल — संगठनात्मक मजबूती प्रदान करने में भूमिका
सुभाष चंद्र बोस — राष्ट्रवादी युवाओं को प्रेरित करने में योगदान
इन नेताओं के मार्गदर्शन में सेवा दल स्वतंत्रता आंदोलन का अनुशासित जनसंगठन बनकर उभरा।
सेवा दल के मुख्य उद्देश्य
कांग्रेस सेवा दल के गठन के पीछे निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य थे—
राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति की भावना विकसित करना।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अनुशासन एवं संगठन क्षमता विकसित करना।
स्वतंत्रता आंदोलन में जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों को बढ़ावा देना युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामीण समाज को संगठित करना।
अहिंसा, सत्य एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना।
आपदा, संकट एवं सामाजिक समस्याओं में सेवा कार्य करना।
सेवा दल के मुख्य कार्य
सेवा दल ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए—
स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका, विदेशी वस्त्र बहिष्कार आंदोलन में भागीदारी, सत्याग्रह एवं आंदोलन में अनुशासित स्वयंसेवकों की व्यवस्था
कांग्रेस अधिवेशनों में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाना जनसभाओं एवं पदयात्राओं का संचालन
सामाजिक एवं राष्ट्रीय कार्य रक्तदान शिविर
स्वच्छता अभियान
आपदा राहत कार्य
स्वास्थ्य एवं शिक्षा जागरूकता अभियान
गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता,
मेयर श्रीमती सुधा गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्य
कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना
कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु जनजागरण
युवाओं एवं महिलाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना, संगठन का विस्तार, सेवा दल का विस्तार धीरे-धीरे पूरे देश में हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के समय यह संगठन गांव-गांव एवं शहर-शहर तक पहुँच गया।
आज कांग्रेस सेवा दल भारत के विभिन्न राज्यों, जिलों, प्रखंडों एवं पंचायत स्तर तक संगठित रूप में कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत—
राष्ट्रीय स्तर
प्रदेश स्तर
जिला स्तर
प्रखंड स्तर
पंचायत एवं बूथ स्तर
तक संगठनात्मक संरचना विकसित की गई है।
सेवा दल में विशेष रूप से युवा, महिला एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रहती है। समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर, ध्वज वंदन, पदयात्रा, सामाजिक अभियान एवं राजनीतिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
वर्तमान समय में सेवा दल की भूमिका
आज के समय में कांग्रेस सेवा दल केवल राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना एवं सेवा भावना का प्रतीक बन चुका है। लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता की रक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि सेवा दल देशभर में सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द, संविधान संरक्षण तथा जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रूप से कार्य करता है।
जिला प्रभारी शशिभूषण राय ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सेवा दल देश के स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉ. एन. एस. हार्डिकर द्वारा स्थापित यह संगठन आज भी सेवा, अनुशासन, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति के आदर्शों पर कार्य कर रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था तक सेवा दल ने राष्ट्र निर्माण एवं जनसेवा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
कार्यक्रम का संचालन संजय सिंह आजाद उपाध्यक्ष (संगठन) ने किया।
इस अवसर पर जिला सेवादल कांग्रेस के उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव, 14 प्रखण्ड अध्यक्ष, 4 मण्डल अध्यक्षों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लक्की शर्मा, बिक्रम झा, हरेकृष्ण लोहार, आनन्द सेनापति, बगदल सहित कार्यकर्ता शामिल हुए।




