निबंधित कलादलों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला, जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को लेकर दी गई जानकारी, नागरिकों को जागरूक करने की अपील
जिला जनसंपर्क कार्यालय सभागार में जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को लेकर जिला के निबंधित कलादलों के साथ एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया। जिला सांख्यिकी सह जनगणना पदाधिकारी श्री मोजाहिद अंसारी एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव तथा जिला समन्वयक जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड ने कलादलों के प्रतिनिधियों को प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु अभियान के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी

निबंधित कलादलों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला, जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को लेकर दी गई जानकारी, नागरिकों को जागरूक करने की अपील

जमशेदपुर- जिला जनसंपर्क कार्यालय सभागार में जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य को लेकर जिला के निबंधित कलादलों के साथ एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया। जिला सांख्यिकी सह जनगणना पदाधिकारी श्री मोजाहिद अंसारी एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव तथा जिला समन्वयक जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड ने कलादलों के प्रतिनिधियों को प्रभावी प्रचार-प्रसार हेतु अभियान के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी।

बता दें कि झारखण्ड राज्य अंतर्गत जनगणना 2027 का प्रथम चरण दिनांक 16.05.2026 से 14.06.2026 तक संचालित किया जाएगा, इस दौरान मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। जनगणना पदाधिकारी ने बताया कि इस चरण से पूर्व आम नागरिकों की सुविधा हेतु स्व-गणना Self Enumeration) की व्यवस्था एक विशेष पोर्टल के माध्यम से दिनांक 01.05.2026 से 15.05.2026 तक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आखिरी दिन ज्यादा से ज्यादा नागरिक इस सुविधा का लाभ उठायें। https://se.census.gov.in पर जाकर इस सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करते हुए निर्धारित अवधि में अपनी जानकारी स्वेच्छा से दर्ज किया जा सकता है।
16 मई से प्रारंभ हो रहे मकान सूचीकरण एवं मकान गणना को लेकर निबंधित कलादलों को जानकारी दी गई कि प्रगणकों द्वारा कुल 33 बिंदुओं के आधार पर घर-घर जाकर जानकारी संकलित की जाएगी। प्रगणकों के द्वारा सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्नावली (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना) निम्नवत है-
1. भवन नंबर (नगर/स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
2. जनगणना मकान नंबर
3. जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
4.जनगणना मकान की दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
5.जनगणना मकान की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
6.जनगणना मकान का उपयोग (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य)
7.जनगणना मकान की हालत (अच्छी/रहने योग्य/जर्जर)
8. परिवार क्रमांक
9. परिवार में सामान्यरू रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
10. परिवार के मुखिया का नाम
11. परिवार के मुखिया का लिंग
12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य वर्ग से संबंधित है
13. मकान स्वामित्व की स्थिति
14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या
16. पेयजल का मुख्य स्रोत
17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता
18. प्रकाश का मुख्य स्रोत
19. शौचालय की सुलभता
20. शौचालय का प्रकार
21. गंदे पानी की निकासी
22. स्नानगृह की उपलब्धता
23. रसोईघर तथा एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
25. रेडियो/ट्रांजिस्टर
26. टेलीविजन
27. इंटरनेट सुविधा
28. लैपटॉप/कम्प्यूटर
29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन
30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
31. कार/जीप/वैन
32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज
33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना हेतु)
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने बताया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके आधार पर विभिन्न विकास योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। उन्होने कलादलों को प्रभावी प्रचार-प्रसार करने एवं जनगणना को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर करने तथा लोगों को जनगणना प्रगणकों को सहयोग के लिए प्रेरित/जागरूक करने के निर्देश दिए। इस संदर्भ में कलादलों को बताया गया कि प्रगणक घर-घर जाकर ऑनलाइन माध्यम से ही नागरिकों की पूरी जानकारी की प्रविष्टि करेंगे तथा किसी प्रकार के दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी, केवल परिवार के मुखिया के फोन नंबर के आधार पर प्रविष्टि की जाएगी, ऑनलाइन माध्यम से स्वगणना पूर्ण कर चुके नागरिकों को प्रगणकों के समक्ष SE-ID दिखाना होगा ताकि सत्यापन हो सके। इसके अलावे अभियान के तहत कलादलों के माध्यम से नागरिकों के बीच लू एवं वज्रपात से बचाव की जानकारी देने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।




