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नीट पेपर लीक भाजपाई दलालों का जमावड़ा दो वर्षों में दो बार पेयर लीक होना गंभीर विषय एन टी ए के चेयरमैन पर दंडात्मक कार्रवाई हो – कैलाश यादव

एनटीए व्यापार का केंद्र बिंदु निष्पक्ष संस्था नहीं,परीक्षा लेने में हजारों करोड़ रु की खर्च सीबीआई जांच देने से मोदी सरकार जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती

नीट पेपर लीक भाजपाई दलालों का जमावड़ा दो वर्षों में दो बार पेयर लीक होना गंभीर विषय एन टी ए के चेयरमैन पर दंडात्मक कार्रवाई हो – कैलाश यादव

एनटीए व्यापार का केंद्र बिंदु निष्पक्ष संस्था नहीं,परीक्षा लेने में हजारों करोड़ रु की खर्च सीबीआई जांच देने से मोदी सरकार जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती

रांची- आज झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने नीट पेपर लीक होने और परीक्षाएं रद्द होने पर केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है

श्री यादव ने कहा कि जबसे नीट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बार बार पेपर लीक हो जाना मोदी सरकार के साख और कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा होता है

ज्ञातव्य है एनटीए संस्था नीट (मेडिकल) जेईई मेन (इंजीनियरिंग) यूजीसी NET (नेट) CUET (विश्वविद्यालय प्रवेश) जैसी परीक्षाएं आयोजित करता है !
NTA का गठन मोदी सरकार ने करवाया है इस पर पक्षपात के कई सवाल उठते रहे हैं निरंतर इस संस्था पर शक की सुई लगा रहा है क्योंकि इस संस्था में भाजपा और संघ विचारक लोग पद में समाहित हैं

विदित है कि विगत दो वर्ष पूर्व 2024 में भी नीट परीक्षा के दौरान पेपर लीक हुआ था जिस कारण पूरे देश में युवाओं छात्रों एवं विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन उस दौरान भारी विरोध के बावजूद मोदी सरकार ने परीक्षाएं रद्द नहीं किया और कल जब 2026 के नीट पेपर लीक का मामला फिर उजागर हुआ तो इस बार परीक्षाएं रद्द कर दी गई !

श्री यादव ने कहा कि देश एक गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है और नीट जैसे परीक्षा के लिए संस्था का लगभग हजारों करोड़ रु खर्च होता है,तब इससे स्थिति में पेपर लीक होना परीक्षा रद्द करना अत्यंत चिंता का विषय है

श्री यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक में भाजपाई दलाल हावी है , NTA संस्था में भाजपा और संघ विचारक पदाधिकारियों के मिलीभगत के कारण बार बार पेपर लीक हो रहा है और 30 लाख से लेकर 50 लाख रु में बेचे जा रहे हैं मतलब NTA व्यापार का केंद्र बिंदु बन गया है

कैलाश यादव का स्पष्ट कहना है कि नीट पेपर लीक मामला अत्यंत गंभीर विषय है, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन परीक्षाओं में स्वायत्त संस्था का निष्पक्ष पारदर्शी और उच्च कोटि का प्रमाण देना इनकी जिम्मेदारी है !
नीट पेपर लीक मामले को लेकर मोदी सरकार अपनी विफलता को छुपाने के लिए CBI जांच कराने का निर्णय लिया है एक लिहाज से उचित निर्णय है लेकिन मोदी सरकार के साख विफलता सार्वजनिक हुई है ये अपनी नाकामी से भाग नहीं सकते हैं

श्री यादव ने मांग किया है कि NTA स्वायत संस्था को बंद किया जाय और इनके चेयरमैन सहित पूरी टीम को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाय एवं पेपर लीक के सिंडिकेट गिरोह पर सख्त कार्रवाई की जाय

छात्र युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों को सार्वजनिक किया जाय और कठोर दंड दिया जाए

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