जमशेदपुर शहर में सड़कों एवं फुटपाथों पर पार्किंग एवं राजस्व वसूली के नाम पर किए जा रहे अतिक्रमण, यातायात अव्यवस्था, बढ़ते हादसों एवं मानव जीवन की सुरक्षा के संबंध में जनहित याचिका स्वरूप शिकायत- पत्र
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ( JNAC ) एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शहर की मुख्य एवं व्यस्त सड़कों तथा फुटपाथों का उपयोग पार्किंग शुल्क एवं राजस्व वसूली हेतु किया जाना अत्यंत गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण एवं जनहित के प्रतिकूल प्रतीत होता है

जमशेदपुर शहर में सड़कों एवं फुटपाथों पर पार्किंग एवं राजस्व वसूली के नाम पर किए जा रहे अतिक्रमण, यातायात अव्यवस्था, बढ़ते हादसों एवं मानव जीवन की सुरक्षा के संबंध में जनहित याचिका स्वरूप शिकायत- पत्र
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ( JNAC ) एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शहर की मुख्य एवं व्यस्त सड़कों तथा फुटपाथों का उपयोग पार्किंग शुल्क एवं राजस्व वसूली हेतु किया जाना अत्यंत गंभीर, दुर्भाग्यपूर्ण एवं जनहित के प्रतिकूल प्रतीत होता है।
समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों एवं शहर की वास्तविक परिस्थितियों से स्पष्ट है कि अनेक प्रमुख सड़कों पर वाहनों की पार्किंग कराकर शुल्क वसूला जा रहा है, जिसके कारण चौड़ी सड़कें भी संकरी हो गई हैं।
फलस्वरूप शहर में लगातार जाम, अव्यवस्था, दुर्घटनाएं एवं जनहानि की घटनाएं बढ़ रही हैं।
दिनांक 15.09.2025 को प्रकाशित समाचार “जेएनएसी ने सड़क कर दी नीलाम, रोड पर खड़ी हो रही गाड़ियां, लोग परेशान” तथा दिनांक 29.04.2026 को प्रकाशित समाचार “जुर्माना वसूली पर जोर, हादसे और जाम अनकंट्रोल” इस गंभीर स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से उजागर करते हैं।
विशेष रूप से यह तथ्य अत्यंत चिंताजनक है कि करोड़ों रुपये की जुर्माना एवं विभिन्न शुल्कों की वसूली के बावजूद शहर में सड़क दुर्घटनाओं एवं जाम की समस्या नियंत्रित नहीं हो सकी है तथा समाचार के अनुसार अनेक लोगों की मृत्यु तक हो चुकी है। यह स्थिति मानव जीवन की सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
यह अत्यंत गंभीर प्रश्न है कि :
* क्या सार्वजनिक सड़कें नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही हेतु हैं अथवा राजस्व वसूली हेतु?
* जब सरकार वाहनों से रोड टैक्स एवं अन्य कर वसूलती है, तब उन्हीं सड़कों को अतिक्रमित कर पार्किंग शुल्क के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक दोहन क्यों किया जा रहा है?
* क्या मानव जीवन एवं सड़क सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण राजस्व वसूली हो सकती है?
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं विरोधाभासी स्थिति है कि एक ओर प्रशासन सड़क सुरक्षा के बड़े-बड़े स्लोगन एवं जागरूकता अभियान चलाता है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं व्यस्त सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग एवं बड़े-बड़े विज्ञापन होर्डिंग लगाकर दुर्घटनाओं को अप्रत्यक्ष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है।
इसी प्रकार यह भी अत्यंत चिंताजनक है कि एक ओर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक सड़कों एवं फुटपाथों से अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीरता व्यक्त की जाती है, वहीं दूसरी ओर स्वयं प्रशासनिक तंत्र एवं जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) द्वारा सड़कों को पार्किंग एवं राजस्व वसूली का माध्यम बनाया जा रहा है।
जब प्रशासन का दायित्व सड़कों को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित एवं सुगम बनाना है, तब उसी प्रशासन द्वारा बिना समुचित वैकल्पिक व्यवस्था, जवाबदेही एवं वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन के सड़क को संकरा कर देना जनहित एवं मानव सुरक्षा के विपरीत प्रतीत होता है।
वर्तमान व्यवस्था के कारण निम्न गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं :
1. सड़क दुर्घटनाओं एवं जनहानि में वृद्धि
एम्बुलेंस एवं आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में बाधा।
2. निरंतर जाम के कारण आम नागरिकों के बेशकीमती समय एवं श्रम की हानि।
ईंधन की अनावश्यक बर्बादी एवं प्रदूषण में वृद्धि।
3. आम नागरिकों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवागमन के अधिकार का हनन।
पार्किंग शुल्क के नाम पर नाजायज एवं मनमानी वसूली।
4. बिना यूनिफॉर्म एवं पहचान पत्र वाले व्यक्तियों द्वारा वसूली, दुर्व्यवहार एवं भय का वातावरण।
5. यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा की उपेक्षा।
अतः निवेदन होगा कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए सड़क अतिक्रमण के फलस्वरूप शहर में बढ़ रहे हादसों एवं मौतों के मद्देनजर तत्काल प्रभाव से मुख्य सड़कों एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी एवं वैज्ञानिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
साथ ही निवेदन है कि :
A= मुख्य एवं व्यस्त सड़कों से पार्किंग व्यवस्था तत्काल हटाई जाए।
B= वैकल्पिक एवं बहुस्तरीय पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए।
C= पार्किंग शुल्क वसूली की वैधानिकता एवं सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाए।
D= पार्किंग शुल्क वसूली करने वाले व्यक्तियों हेतु अनिवार्य यूनिफॉर्म, आईडी कार्ड एवं निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
E= अवैध वसूली, दुर्व्यवहार एवं असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
F= यातायात पुलिस को प्रभावी ट्रैफिक नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा व्यवस्था हेतु सक्रिय किया जाए।
G= मुख्य मार्गों पर लगाए गए दृश्य बाधक एवं दुर्घटना संभावित विज्ञापन होर्डिंगों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
H= संपूर्ण मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
कृपया इस शिकायत-पत्र पर की गई कार्रवाई से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें।
अन्यथा बाध्य होकर जनहित, मानव जीवन एवं नागरिक सुरक्षा के हित में सक्षम न्यायिक एवं वैधानिक मंचों के समक्ष अग्रेतर कार्रवाई करने की विवशता होगी, जिसे कृपया अन्यथा न लिया जाए।
आशा है कि प्रशासन मानव जीवन एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
इस पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम,उप नगर आयुक्त जेएनएसी जमशेदपुर, प्रबंध निदेशक टाटा स्टील यू एस आई लिमिटेड जमशेदपुर ,सचिव नगर विकास विभाग, रांची
मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार, रांची को भी भेजी गई है



