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जमशेदपुर में झारखंड विद्युत श्रमिक संघ ने मानव दिवस कर्मियों के शोषण और बकाया भुगतान को लेकर निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है
संघ के अध्यक्ष रौशन कुमार के नेतृत्व में महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपकर मानव बल कर्मियों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई

जमशेदपुर में झारखंड विद्युत श्रमिक संघ ने मानव दिवस कर्मियों के शोषण और बकाया भुगतान को लेकर निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संघ के अध्यक्ष रौशन कुमार के नेतृत्व में महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपकर मानव बल कर्मियों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संघ ने आरोप लगाया है कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड में कार्यरत मानव दिवस कर्मियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। मानगो डिवीजन में श्रमिकों के वेतन से 4500 रुपये तक की कटौती की गई, जबकि इसकी शिकायत पहले भी प्रबंधन को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ ज्ञापन में कहा गया है कि श्रमिकों का ईपीएफ और ईएसआई समय पर जमा नहीं किया जाता है। कई कर्मियों को वर्ष 2024 के बाद से एरियर भुगतान भी नहीं मिला है। वहीं सरकार के निर्देश के बावजूद एक वर्ष पूरा कर चुके श्रमिकों को ग्रेच्युटी और बोनस का लाभ नहीं दिया जा रहा है।संघ ने यह भी आरोप लगाया कि फरवरी माह में केवल 28 दिनों का भुगतान कर दो दिनों की मजदूरी काट ली गई, जबकि 31 दिनों वाले महीनों में अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। कई स्किल्ड श्रमिकों को बिना कारण कार्य से बैठा दिया गया है। संघ ने मुख्तार अंसारी और मिहिर महतो समेत अन्य श्रमिकों को पुनः काम पर रखने की मांग की है।
इसके अलावा ठेकेदारों पर श्रमिकों को धमकाने, फोन नहीं उठाने और मनमानी करने के आरोप भी लगाए गए हैं। संघ का कहना है कि लगातार शोषण और मानसिक तनाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है और कई हादसे हो भी चुके हैं।
झारखंड विद्युत श्रमिक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संघ आंदोलन और ठोस कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निगम और ठेकेदारों की होगी।




