जेटेट परीक्षा से मगही भाषा हटाना छात्र विरोधी एवं तानाशाही निर्णय- गणेश दत्त पांडे
जनता दल यूनाइटेड के राज्य परिषद सदस्य गणेश दत्त पांडे ने झारखंड में आयोजित होने वाली जेटेट परीक्षा से मगही भाषा को हटाने के निर्णय को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, छात्र विरोधी एवं तानाशाही कदम करार दिया है

जेटेट परीक्षा से मगही भाषा हटाना छात्र विरोधी एवं तानाशाही निर्णय- गणेश दत्त पांडे

मेदिनीनगर- जनता दल यूनाइटेड के राज्य परिषद सदस्य गणेश दत्त पांडे ने झारखंड में आयोजित होने वाली जेटेट परीक्षा से मगही भाषा को हटाने के निर्णय को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, छात्र विरोधी एवं तानाशाही कदम करार दिया है उन्होंने कहा कि पलामू, गढ़वा, लातेहार, हजारीबाग और चतरा जैसे जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मगही भाषा बोलते और समझते हैं। ऐसे में इस भाषा को हटाना सीधे-सीधे लाखों स्थानीय अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन है।
श्री पांडे ने कहा कि क्षेत्रीय भाषा के रूप में मगही विद्यार्थियों के लिए सहज एवं सुलभ माध्यम थी, लेकिन सरकार द्वारा जबरन दूसरी भाषा थोपना युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार को स्थानीय संस्कृति, भाषा और विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अपने पूरे कार्यकाल में सरकार एक बार भी टेट परीक्षा आयोजित नहीं करा सकी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया। अब जब परीक्षा की उम्मीद जगी है, तब भी सरकार छात्रों के हितों के साथ अन्याय कर रही है।
श्री पांडे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस निर्णय को वापस लेकर मगही भाषा को पुनः शामिल नहीं किया गया, तो जनता दल यूनाइटेड सड़क से सदन तक जोरदार आंदोलन करेगी। उन्होंने सरकार से अविलंब निर्णय पर पुनर्विचार कर छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय को रोकने की मांग की।




