Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी   Click to listen highlighted text! Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी
Uncategorized

IGNOU बी.एड. कार्यशाला के सातवें दिवस का आयोजन खरकई ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो ईला कुमार के प्रेरणादायी मार्गदर्शन एवं संरक्षण में किया गया। प्रोफेसर इला कुमार एक गतिशील, दूरदर्शी एवं कुशल शिक्षाविद् हैं, जो विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं नवाचार की दिशा में सफलतापूर्वक अग्रसर कर रही हैं। इस कार्यशाला का सफल संचालन एवं समन्वयन डा त्रिपुरा झा द्वारा किया गया

जमशेदपुर- IGNOU बी.एड. कार्यशाला के सातवें दिवस का आयोजन खरकई ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो ईला कुमार के प्रेरणादायी मार्गदर्शन एवं संरक्षण में किया गया। प्रोफेसर इला कुमार एक गतिशील, दूरदर्शी एवं कुशल शिक्षाविद् हैं, जो विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं नवाचार की दिशा में सफलतापूर्वक अग्रसर कर रही हैं।

इस कार्यशाला का सफल संचालन एवं समन्वयन डा त्रिपुरा झा द्वारा किया गया जिनके कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं सतत प्रयासों से कार्यशाला सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संपन्न हो रही है। आज के कार्यक्रम की शुरुआत कार्यशाला समन्वयक डा त्रिपुरा झा संसाधन व्यक्तियों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों द्वारा सामूहिक रूप से प्रार्थना “दया कर दान भक्ति का” के गायन से हुई। प्रार्थना के माध्यम से पूरे वातावरण में सकारात्मकता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

इसके पश्चात प्रथम सत्र का शुभारंभ हुआ।
सत्र – 1
प्रथम सत्र का संचालन डा संजय भुंइया द्वारा “शास्त्र सम्मत ज्ञान का संगठन एवं उसके परिप्रेक्ष्य” विषय पर किया गया। इस सत्र में ज्ञान के संगठन, उसके शैक्षिक महत्व तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में उसके प्रभाव पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रशिक्षु शिक्षकों को विषयवस्तु को व्यवस्थित एवं तार्किक रूप से प्रस्तुत करने की विधियों से अवगत कराया गया।
प्रथम सत्र के दौरान IGNOU क्षेत्रीय केंद्र रांची के वरिष्ठ निदेशक मोती राम का औचक निरीक्षण हुआ। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित करते हुए IGNOU के विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की। साथ ही प्रशिक्षु शिक्षकों ने अपने पाठ्यक्रम से संबंधित समस्याएँ एवं जिज्ञासाएँ उनके समक्ष रखीं, जिनका उन्होंने संतोषजनक समाधान किया। यह संवाद सभी प्रशिक्षुओं के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा।

सत्र – 2
द्वितीय सत्र में डा संजय भुंइया द्वारा “विद्यालय पाठ्यचर्या में विषयों का निर्धारण” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने पाठ्यचर्या निर्माण के सिद्धांतों, विषय चयन के आधार तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं एवं रुचियों के अनुसार पाठ्यचर्या निर्धारण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

मध्याह्न अवकाश (Lunch Break): द्वितीय सत्र के पश्चात मध्याह्न भोजन अवकाश रखा गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने आपस में विचारों एवं अनुभवों का आदान-प्रदान किया।

सत्र – 3 एवं सत्र – 4
तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में “आभासी परिवेश में पाठ योजनाओं की प्रस्तुति” विषय पर विषयवार संसाधन व्यक्तियों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
विषयवार संसाधन व्यक्तियों का विवरण निम्नलिखित है—
हिंदी – डा त्रिपुरा झा
अंग्रेज़ी – डा मोनिका अप्पल
गणित – डा मनोज कुमार
सामाजिक विज्ञान – विरु प्रकाश महतो
विज्ञान – डा कंचन कुमारी

इस सत्र के दौरान सभी संसाधन व्यक्तियों द्वारा प्रशिक्षु शिक्षकों से 5E Lesson Plan तैयार करवाया गया। उन्होंने Engage, Explore, Explain, Elaborate एवं Evaluate चरणों के अनुसार पाठ योजना निर्माण की प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया तथा प्रशिक्षुओं की पाठ योजनाओं पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। इससे प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रभावी एवं विद्यार्थी-केंद्रित पाठ योजना निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

अंत में दिनभर की कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी रही, जिसने प्रशिक्षु शिक्षकों के शिक्षण कौशल, प्रस्तुतीकरण क्षमता एवं व्यावसायिक दक्षताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!