डालसा का न्याय रथ पहुंचेगा गांव गांव, पीएलवी वंचित, शोषित, जरूरतमंदों की आवाज बनेंगे , 90 दिन तक चलेगा कम्पेन
नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा 90 दिन का पूरे जिला में सघन कानूनी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा । इस दौरान डालसा के पीएलवी (अधिकार मित्र) ग्रामीण क्षेत्रों व स्लम बस्तियों में जाकर कानून के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे और वंचित , शोषित व जरूरतमंदों की आवाज बनकर उन्हें विकास के मुख्य धारा से जोड़ने का काम करेंगे , ताकि कोई भी व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रह सकें । 90 दिवसीय इस अभियान का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने व्यवहार न्यायालय परिसर में सोमवार को सुबह नौ बजे विधिवत रूप से किया

डालसा का न्याय रथ पहुंचेगा गांव गांव, पीएलवी वंचित, शोषित, जरूरतमंदों की आवाज बनेंगे , 90 दिन तक चलेगा कम्पेन


जमशेदपुर – नालसा एवं झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा 90 दिन का पूरे जिला में सघन कानूनी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा । इस दौरान डालसा के पीएलवी (अधिकार मित्र) ग्रामीण क्षेत्रों व स्लम बस्तियों में जाकर कानून के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे और वंचित , शोषित व जरूरतमंदों की आवाज बनकर उन्हें विकास के मुख्य धारा से जोड़ने का काम करेंगे , ताकि कोई भी व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित न रह सकें । 90 दिवसीय इस अभियान का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय ने व्यवहार न्यायालय परिसर में सोमवार को सुबह नौ बजे विधिवत रूप से किया



इस मौके पर प्रभात फेरी भी निकाली गई , जो व्यवहार न्यायालय से एमजीएम गोलचक्कर होते हुए जेल चौक तथा साकची शीतला मंदिर होते हुए पुनः व्यवहार न्यायालय वापस आकर संपन्न हुई । इस दौरान प्रभात फेरी रैली में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय , डालसा सचिव कुमार सौरव त्रिपाठी सहित सिविल कोर्ट के अन्य सभी न्यायायिक पदाधिकारी गण , लीगल एड कौंसिल के सदस्य, मीडियेटर, पैनल लॉयर्स, कोर्ट स्टाप एवं पीएलवी काफी संख्या में शामिल रहे । प्रभात फेरी में शामिल लोग बैनर एवं हाथ में तख्ती लेकर माइक द्वारा नारा लगाते हुए लोगों को जागरूक करते हुए आगे बढ़ रहे थे



वहीं मौके पर प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि कानून और लोगों के बीच की खाई को पाटने के लिए न केवल कानूनी सहायता प्रदान करने की ज़रूरत है, बल्कि कानूनी जागरूकता, सशक्तिकरण और सामुदायिक जुड़ाव के क्षेत्र में भी लगातार प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह 90-दिवसीय अभियान एक गहन, व्यवस्थित और परिणाम-उन्मुख कार्यक्रम के रूप में तैयार किया गया है,




