आदित्यपुर में विवादस्पद भूमि पर हो रहा हैं “द सैफायर” परियोजना – अनुप रंजन
भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित

आदित्यपुर में विवादस्पद भूमि पर हो रहा हैं “द सैफायर” परियोजना – अनुप रंजन

भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित
जमशेदपुर- आदित्यपुर के मौजा-जमालपुर स्थित निर्माणाधीन आवासीय परियोजना “द सैफायर” इन दिनों गंभीर भूमि विवाद को लेकर सुर्खियों में है। परियोजना को लेकर आज साकची स्थित एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में व्यवसायी एवं निर्माण कंपनी निदेशक अनुप रंजन ने जमीन को विवादस्पद बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुप रंजन का कहना है कि जिस जमीन पर बहुमंजिला परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है, वह विवादित है और उससे संबंधित कई मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। संवाददाता सम्मेलन में दावा किया गया कि लगभग 3.97 एकड़ भूमि उनके हिस्से से संबंधित है, जिस पर बिना वैधानिक बंटवारे और सभी पक्षों की सहमति के रजिस्ट्री कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि बिल्डर द्वारा तथ्यों को छिपाकर एवं गलत जानकारी प्रस्तुत कर भवन निर्माण का नक्शा पास कराया गया। इतना ही नहीं, परियोजना से जुड़े फ्लैट खरीददारों को विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम ग्राहकों के सामने भविष्य में कानूनी और आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस भूमि विवाद को लेकर सिविल कोर्ट से लेकर झारखंड हाईकोर्ट तक वाद लंबित हैं और अंतिम निर्णय आना अभी बाकी है। प्रेस वार्ता में अनुप रंजन ने संभावित खरीदारों और निवेशकों से अपील की हैं कि वे परियोजना में पैसा लगाने से पहले जमीन से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेजों, स्वामित्व प्रमाण और न्यायालय में चल रहे मामलों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें। उनका कहना है कि यदि बिना सत्यापन के निवेश किया गया, तो लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी फंस सकती है। मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोग अब परियोजना की वैधता को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। वहीं, इस पूरे विवाद पर बिल्डर पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक सवाल के जवाब में अनूप रंजन ने कहा कि उनके पास मामले से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर वे उन्हें सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं।




