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काम का तनाव, लंबा सफर और बढ़ता ब्लड प्रेशर: शहरी भारत का छिपा हुआ स्वास्थ्य संकट- डॉ. अजय अग्रवाल, वरिष्ठ सलाहकार – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल, तमोलिया

शहरी भारत में युवा और मध्यम आयु वर्ग के कामकाजी लोगों में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजमर्रा की चिकित्सा प्रैक्टिस में अब 30 और 40 की उम्र के ऐसे कई लोग सामने आ रहे हैं जिन्हें पहले कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, फिर भी वे उच्च रक्तचाप से प्रभावित हो रहे हैं। इन अधिकांश मामलों में एक समान कारण दिखाई देता है—काम का लगातार दबाव, लंबी यात्रा, पर्याप्त आराम की कमी और असंतुलित जीवनशैली

काम का तनाव, लंबा सफर और बढ़ता ब्लड प्रेशर: शहरी भारत का छिपा हुआ स्वास्थ्य संकट- डॉ. अजय अग्रवाल, वरिष्ठ सलाहकार – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल, तमोलिया

जमशेदपुर- शहरी भारत में युवा और मध्यम आयु वर्ग के कामकाजी लोगों में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोजमर्रा की चिकित्सा प्रैक्टिस में अब 30 और 40 की उम्र के ऐसे कई लोग सामने आ रहे हैं जिन्हें पहले कोई गंभीर बीमारी नहीं थी, फिर भी वे उच्च रक्तचाप से प्रभावित हो रहे हैं। इन अधिकांश मामलों में एक समान कारण दिखाई देता है—काम का लगातार दबाव, लंबी यात्रा, पर्याप्त आराम की कमी और असंतुलित जीवनशैली

लगातार तनाव केवल मानसिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि शरीर पर भी सीधा असर डालता है। कार्यस्थल का दबाव शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे तनाव हार्मोन को लगातार बढ़ाए रखता है, जिससे हृदय गति तेज होती है, रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है और ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ऊँचा बना रहता है। समय के साथ यह स्थिति हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा देती है।

लंबी दैनिक यात्रा भी इस समस्या को और गंभीर बनाती है। ट्रैफिक में घंटों बिताने से व्यक्ति शोर, प्रदूषण, मानसिक थकान और चिड़चिड़ेपन का शिकार होता है। साथ ही व्यायाम, आराम और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर भी कम हो जाता है। जब यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका सीधा असर हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ता है।
इसके अलावा, लंबे समय तक बैठकर काम करना, अनियमित खानपान और अत्यधिक स्क्रीन टाइम भी रक्तचाप बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देर रात तक काम करना, पर्याप्त नींद न लेना और तनाव के कारण नींद की गुणवत्ता खराब होना शरीर की सामान्य रिकवरी प्रक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे उच्च रक्तचाप का खतरा और बढ़ जाता है।
तनाव से राहत पाने के लिए कई लोग अधिक चाय-कॉफी पीना, धूम्रपान करना, बाहर का भोजन या प्रोसेस्ड फूड खाना जैसी आदतें अपना लेते हैं। ये आदतें अस्थायी राहत तो देती हैं, लेकिन लंबे समय में ब्लड प्रेशर नियंत्रण को और खराब कर देती हैं।

किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है
कुछ छोटे लेकिन नियमित बदलाव उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। रोजाना शारीरिक गतिविधि बढ़ाना, काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव कम करने के उपाय अपनाना और नमक का सेवन सीमित करना बेहद जरूरी है। साथ ही नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना भी आवश्यक है, क्योंकि उच्च रक्तचाप अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है।

शहरी जीवन की चुनौतियों से पूरी तरह बचना संभव नहीं है, लेकिन उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। तनाव, जीवनशैली और बढ़ते ब्लड प्रेशर के बीच संबंध को समझना ही रोकथाम की दिशा में पहला कदम है। पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना लंबे समय तक स्वस्थ जीवन के लिए बेहद आवश्यक है।

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