सरायकेला खरसावां गम्हरिया- सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत ऊषा मोड़ के समीप स्थित संतोष सिंह स्क्रैप टाल के बगल स्थित भाड़े के मकान कैंपस में बिना मतलब के साजिश के तहत रवि मंडल के बहनोई दिनेश सिंह के साथ बाहरी युवकों को साथ लेकर बगल में ही रहने वाले सुशील लोहार बिना बात के विवाद कर षडयंत्र के तहत जान लेवा हमला की
सूचना रवि मंडल को प्राप्त हुई,तब रवि मंडल गम्हरिया थाना को फोन पर इस बात की सूचना दी तब गम्हरिया थाना पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल पर पहुंच कर आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना ले आया लेकिन तब कुछ महिला पुरुष भी थाना में आकर आरोपियों को बचाने के लिए गलत सलत झूठा बात कह कर थाना प्रभारी पर दबाव बनाने लगी सूचना मिलने से न्यू झारखण्ड वाणी संवाददाता भी इस बात की सच्चाई जानने के लिए पीड़ित दिनेश सिंह के घर पहुंच कर पूछ ताछ किया तो पता चला कि कल से ही ये लोग किसी साजिश के तहत दिनेश सिंह को मारना चाह रहे थे आरोपी की मनगढ़ंत कहानी क्या है ,ये साजिश किस वजह से किया गया है, आखिर कौन है ये साजिशकर्ता सब पता चल जाएगा यदि निष्पक्ष जांच किया जायेगा,आरोपी के समर्थक द्वारा महिला के साथ गलत करने का पीड़ित दिनेश पर आरोप लगाया जा रहा था, और थाना पर दबाव बनाया जा रहा था,इस विषय पर शंका हुआ तो दिनेश के घर जाकर वहां के लोकेशन को देखा उस भाड़े के घर कैंपस में करीब पंद्रह बीस परिवार रहते हैं ,उनकी पत्नी से पूछा गया तो पता चला कि वैसा कोई बड़ा मतलब नहीं दिखा लेकिन दिनेश को किसी झूठे बहाने से ये लोग मारना चाह रहे थे,आरोपी के पक्ष में महिला समर्थन देखा गया जो थाना में झूठा दबाव बना रही थी,जिस तरह की लांछना दिनेश पर लगाई जा रही थी वो सरासर गलत साबित हो रहा था वैसे भी भरे पूरे कैंपस में आरोपी द्वारा जैसा बात कहा जा रहा था, वो कतई सच नहीं हो सकता है,इस विषय में उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है, यदि वैसी कुछ बात होती तो महिला स्वयं आकर बात को थाना में बताती तो पुलिस इसकी जांच अवश्य करती और सत्य पाए जाने पर और आरोपी पर कार्रवाई भी होती, लेकिन कोई बड़ी साजिश के तहत जानलेवा अपराध कर महिला संगठन बना कर आरोपी को और साजिश को दबाने का प्रयास किया गया है, ये कोई नई बात नहीं है इस तरह के घटना बराबर होते आए हैं, अक्सर देखा गया है इस तरह के महिला संगठन को कोई अपराधिक छवि वाले नेता और अपराधी अपने फायदे के लिए उपयोग करते हैं, जो समाज में महिला का महत्व घटा रहे हैं, यदि कोई भी महिला के साथ कोई अभद्र व्यवहार करता है,और वह शिकायत थाना में करती है तो उस पर अवश्य कार्रवाई होती है और होगी उसके लिए कोई महिला संगठन को लाने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ती महिला सुरक्षा के प्रति थाना हमेशा तत्पर होती है, यदि महिला की शिकायत पर थाना ध्यान नहीं देती है तो उसके लिए समाचार एजेंसी है, जिससे संपर्क किया जा सकता है उससे भी बात नहीं बनती है तो महिला संगठन की बात आती है,लेकिन किसी को अपमानित करने के लिए ,किसी को झूठा केश में फसाने के लिए महिला संगठन आगे आती है तो महिला संगठन दोषी होती है,वैसे मामले में चिन्हित कर सभी महिलाओं पर मुकदमा और जेल का रास्ता भी साफ होना चाहिए, कल छ मई दो हजार छब्बीस को दिनेश सिंह के साथ जानलेवा हमला की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए,और इसकी भी जांच की जानी चाहिए कि वैसे घायल दिनेश सिंह को स्वास्थ्य केंद्र बिना सुरक्षा के क्यों भेजा गया जबकि थाना की ड्यूटी है कि पीड़ित को स्वास्थ्य परीक्षण करवाए निजी सुरक्षा में जबकि पीड़ित अकेला है और उसके साथ हादसा करने वाले कई हैं थाना ने ऐसा किसलिए किया ये भी जांच का विषय है,आरोपी को बचाने के लिए जिस महिला पुरुष द्वारा गम्हरिया थाना में उपद्रव किया गया न्यू झारखण्ड वाणी संवाददाता को सच्चाई उजागर करने के प्रयास को बाधित किया गया थाना प्रभारी को उन सभी उपद्रवियों पर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है
रपट जगन्नाथ मिश्रा