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झारखंड आंदोलन के दौरान अपनी अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को आज भी सम्मान और पहचान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय कार्यालय, भवानीपुर झंडा चौक, डोरंडा रांची से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार के संकल्प संख्या 1938, दिनांक 30 अप्रैल 2021 का पूर्वी सिंहभूम जिले में पालन नहीं हो रहा है

मोर्चा के नेताओं का कहना है कि इस संकल्प के तहत चिन्हित सभी आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र, प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर राजकीय सम्मान देने का प्रावधान है। लेकिन इसके बावजूद अब तक कई आंदोलनकारियों को यह सम्मान नहीं मिल पाया है

रांची- झारखंड आंदोलन के दौरान अपनी अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को आज भी सम्मान और पहचान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय कार्यालय, भवानीपुर झंडा चौक, डोरंडा रांची से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार के संकल्प संख्या 1938, दिनांक 30 अप्रैल 2021 का पूर्वी सिंहभूम जिले में पालन नहीं हो रहा है।

मोर्चा के नेताओं का कहना है कि इस संकल्प के तहत चिन्हित सभी आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र, प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर राजकीय सम्मान देने का प्रावधान है। लेकिन इसके बावजूद अब तक कई आंदोलनकारियों को यह सम्मान नहीं मिल पाया है।
मोर्चा के कोल्हान प्रमंडल अध्यक्ष विश्वजीत प्रमाणिक ने कहा कि सरकार के आदेशों की अनदेखी करना गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि गृह विभाग द्वारा वर्ष 2024 में सभी उपायुक्तों को आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सम्मान मिलने से पहले ही कई आंदोलनकारियों की मृत्यु हो चुकी है, जो कि अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मोर्चा ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 166, 166A और 188 के तहत कार्रवाई की भी बात कही है।

पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष शिबू काली माईती ने कहा कि यह केवल सम्मान का मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और आंदोलनकारियों की पहचान का सवाल है।

मोर्चा ने उपायुक्त से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द सभी चिन्हित आंदोलनकारियों को सम्मानित करने के लिए आदेश जारी किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि इससे सरकार की छवि और विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।

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