भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि हम आपदा को अवसर में कैसे बदलें। वही यह कहावत भी प्रचलित है की आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। अभी युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की काफी कमी हो गई है। लोगों को महीने भर से गैस नहीं मिल रहा है
खासकर जो अपना दुकान चलाते हैं वैसे लोगों की दुकान बंद हो गई है। ऐसी स्थिति में जमशेदपुर के परसुडीह स्थित प्रमोद नगर में संदीप महतो ने अपने जुगाड़ पद्धति से एक देसी चूल्हा का निर्माण किया है। इस देसी चूल्हा में 60% डीजल और 40% मोबिल मिलाकर चूल्हा जलाया जाता है। चूल्हा में बैटरी, पंखा, रेगुलेटर और डीजल- मोबिल का प्रयोग कर अपना रोजगार चला रहा है
जमशेदपुर- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि हम आपदा को अवसर में कैसे बदलें। वही यह कहावत भी प्रचलित है की आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। अभी युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की काफी कमी हो गई है। लोगों को महीने भर से गैस नहीं मिल रहा है।
खासकर जो अपना दुकान चलाते हैं वैसे लोगों की दुकान बंद हो गई है। ऐसी स्थिति में जमशेदपुर के परसुडीह स्थित प्रमोद नगर में संदीप महतो ने अपने जुगाड़ पद्धति से एक देसी चूल्हा का निर्माण किया है। इस देसी चूल्हा में 60% डीजल और 40% मोबिल मिलाकर चूल्हा जलाया जाता है। चूल्हा में बैटरी, पंखा, रेगुलेटर और डीजल- मोबिल का प्रयोग कर अपना रोजगार चला रहा है।
उन्होंने बताया कि चूल्हे में आग तेज करने के लिए रेगुलेटर की भी व्यवस्था है। जिस तरह आप पंखे को तेज करते हैं, वैसा इसमें भी पंखा को तेज करने पर चूल्हा तेजी से जलने लगता है।
संवाददाता – डा राजेश कुमार लाल दास




