सैरात बाजारों में हाल ही में की गई किराया बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिला प्रवक्ता आकाश शाह ने कहा कि दुकानदारों पर एकतरफा तरीके से किराया बढ़ाना अनुचित है
किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले संबंधित दुकानदारों और व्यापारियों से चर्चा करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में न तो पर्याप्त सूचना दी गई और न ही उनकी राय ली गई

जमशेदपुर के सैरात बाजारों में हाल ही में की गई किराया बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिला प्रवक्ता आकाश शाह ने कहा कि दुकानदारों पर एकतरफा तरीके से किराया बढ़ाना अनुचित है। किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले संबंधित दुकानदारों और व्यापारियों से चर्चा करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में न तो पर्याप्त सूचना दी गई और न ही उनकी राय ली गई।
उन्होंने कहा कि शहर के लगभग 10 सैरात बाजारों में करीब 7,500 से अधिक दुकानें संचालित होती हैं, जहां हजारों छोटे और मध्यम व्यवसायी अपनी जीविका चलाते हैं। ऐसे में बिना संवाद के किराया बढ़ोतरी का निर्णय व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है
आकाश शाह ने कहा कि अधिकांश सैरात बाजारों में आज भी साफ-सफाई, पार्किंग, जलनिकासी, सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। पहले बाजारों की व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त किया जाए, उसके बाद ही किसी भी प्रकार की किराया वृद्धि पर विचार होना चाहिए।
अंत में उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि दुकानदारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस किराया बढ़ोतरी के निर्णय की पुनः समीक्षा की जाए और व्यापारी संगठनों से संवाद कर न्यायसंगत समाधान निकाला जाए।




