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पोएट्स ऑफ जमशेदपुर ने विशिष्ट रचनाकारों की सहभागिता के साथ वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी का किया आयोजन

शहर के सशक्त साहित्यिक समूह पोएट्स ऑफ जमशेदपुर ने रविवार को एक सफल वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें शहर के कवि, लेखक एवं साहित्य प्रेमी एक साथ जुड़े. यह आयोजन एक ऐसे मंच के रूप में सामने आया, जहाँ चयनित प्रस्तुतकर्ताओं ने कविता और स्पोकन वर्ड के माध्यम से अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्तियाँ साझा कीं

पोएट्स ऑफ जमशेदपुर ने विशिष्ट रचनाकारों की सहभागिता के साथ वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी का किया आयोजन

जमशेदपुर- शहर के सशक्त साहित्यिक समूह पोएट्स ऑफ जमशेदपुर ने रविवार को एक सफल वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें शहर के कवि, लेखक एवं साहित्य प्रेमी एक साथ जुड़े. यह आयोजन एक ऐसे मंच के रूप में सामने आया, जहाँ चयनित प्रस्तुतकर्ताओं ने कविता और स्पोकन वर्ड के माध्यम से अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्तियाँ साझा कीं, जिससे पूरा वातावरण भावनाओं, रचनात्मकता और सार्थक संवाद से भर उठा. इस सत्र में विशिष्ट रचनाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं, जिनके शब्दों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और साहित्य की सुंदरता का उत्सव मनाया. प्रस्तुतकर्ताओं में शामिल थे:
वर्षा पति, आरना, अन्नी अमृता, सुमन, सौरव ओझा, प्रीति श्रीवास्तव, दिव्यांशी मिश्रा, स्वर्णिम वाजपाई और रिद्धि कुमारी.

इस साहित्यिक गोष्ठी में एक विशेष कलात्मक आयाम जोड़ते हुए रोहित राज शर्मा ने एक अनोखी संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसने संध्या की काव्यात्मक अभिव्यक्तियों को अत्यंत सुंदर ढंग से और भी प्रभावशाली बना दिया. इस आयोजन में न केवल प्रस्तुतकर्ताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, बल्कि विभिन्न राज्यों से वर्चुअली जुड़े श्रोताओं ने भी इसे एक जीवंत और प्रेरणादायक साहित्यिक आदान-प्रदान में बदल दिया. अनेक प्रतिभागियों ने अपने विचार साझा किए, एक-दूसरे के दृष्टिकोणों से सीखा और शब्दों तथा कला के प्रति अपने सामूहिक प्रेम का उत्सव मनाया.

यह आयोजन सिटी क्यूरेटर मोंन्द्रिता चटर्जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ और इसे समर्पित क्रू सदस्यों दिव्यांशी मिश्रा, आलोक शर्मा, अभिजीत कुमार, प्रेम कुमार, असलेशा वदुरिया, अमृता रचमल्ला और श्लोका गुप्ता ने सुचारु रूप से संचालित किया, जिनके प्रयासों ने इस सत्र को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

ऐसी सार्थक साहित्यिक गोष्ठियों के माध्यम से पोएट्स ऑफ जमशेदपुर निरंतर रचनात्मक स्वरों को मंच प्रदान करने और एक ऐसे समुदाय के निर्माण के अपने उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा है, जहाँ कविता, संगीत और कहानी कहने की कला लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती है.

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