मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025–26 में विद्यालय को लगातार पांचवीं बार सम्मान
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत राज्य के टॉप 9 विद्यालयों में स्थान प्राप्त करने तथा शहरी क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान हासिल करने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा दिनांक 11 मार्च 2026 को होटल बीएनआर चाणक्य, रांची में आयोजित भव्य समारोह में विद्यालय को स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया गया

मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025–26 में विद्यालय को लगातार पांचवीं बार सम्मान

रांची- मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत राज्य के टॉप 9 विद्यालयों में स्थान प्राप्त करने तथा शहरी क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान हासिल करने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा दिनांक 11 मार्च 2026 को होटल बीएनआर चाणक्य, रांची में आयोजित भव्य समारोह में विद्यालय को स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि विद्यालय को यह सम्मान लगातार पांचवीं बार प्राप्त हुआ है जो विद्यालय में स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रमाण है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं पेयजल मंत्री योगेंद्र यादव, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक, यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख कनिका मित्रा तथा यूनिसेफ इंडिया के चीफ श्री पॉल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों, शिक्षा अधिकारियों तथा अन्य राज्यों — पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, गुजरात आदि से आए प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
समारोह के दौरान विद्यालय द्वारा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से संबंधित कई नवाचारी पहल प्रस्तुत किए गए। इनमें विद्यालय परिसर की नियमित स्वच्छता व्यवस्था, स्वच्छ शौचालयों का समुचित रख-रखाव, सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, विद्यार्थियों में हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने जैसे कार्य प्रमुख हैं। विद्यालय द्वारा संचालित इन पहलों को यूनिसेफ तथा अन्य राज्यों से आए प्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष विस्तार से साझा किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की और इसे अन्य विद्यालयों में भी अपनाने योग्य बताया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सेंतेंग केरकेट्टा ने स्वास्थ्य एवं पेयजल मंत्री योगेंद्र यादव तथा शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह की उपस्थिति में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्रीमती शिप्रा ने भी विद्यालय द्वारा किए गए विभिन्न नवाचारी प्रयासों और गतिविधियों की विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित गतिविधियाँ, स्वच्छता अभियान, व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, जिससे वे न केवल विद्यालय में बल्कि समाज में भी स्वच्छता के संदेशवाहक बन सकें।
विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा स्थानीय समुदाय के सहयोग और सामूहिक प्रयास को दिया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि लगातार पांचवीं बार यह सम्मान प्राप्त होना पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है और यह भविष्य में स्वच्छ, स्वस्थ एवं जागरूक विद्यालय वातावरण के निर्माण के लिए और अधिक प्रेरणा प्रदान करता है।




