जमशेदपुर में आज झारखण्ड आँगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन संयुक्त मोर्चा (JAKA) से जुड़ी आँगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया
संगठन की ओर से 8 सूत्री मांग पत्र राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त के माध्यम से सौंपा गया
जमशेदपुर में आज झारखण्ड आँगनबाड़ी कर्मचारी एसोसिएशन संयुक्त मोर्चा (JAKA) से जुड़ी आँगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सेविका और सहायिकाओं का कहना है कि वे कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसी को लेकर 11 मार्च 2026 को उन्होंने मांग पत्र सौंपते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की।

संगठन की प्रमुख मांगों में आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवानिवृत्ति पर कम से कम 5 लाख रुपये का रिटायरमेंट लाभ देने और सेवानिवृत्त सेविकाओं को मानदेय का 50 प्रतिशत पेंशन देने की मांग शामिल है। इसके अलावा आकस्मिक मृत्यु पर 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने और सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने की भी मांग की गई है।

इसके साथ ही संगठन ने स्थानीय बाजार दर के अनुसार पोषाहार राशि का भुगतान, सेविका-सहायिकाओं को प्रतिमाह 400 रुपये मोबाइल रिचार्ज देने तथा आँगनबाड़ी केंद्रों में नेटवर्क की बेहतर व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि नेटवर्क की समस्या के कारण FRS प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, जिससे लाभार्थियों को पोषाहार देने में दिक्कत होती है।
आँगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द विचार कर उचित निर्णय लेगी, ताकि वर्षों से चली आ रही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।




