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जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद के 59वें प्रकाशन डाॅo वीणा पाण्डेय ‘भारती’ कृत भोजपुरी काव्य संग्रह ‘सँउसे चान आकासे’ लोकार्पित

नगर की अग्रणी साहित्यिक संस्था ' जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद्' के 59वां फूल के रुप में प्रकाशित एवं ' सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/ तुलसी भवन के विशेष सहयोग से शहर की जानी पहचानी कवयित्री डाॅo वीणा पाण्डेय भारती रचित भोजपुरी काव्य संग्रह " सँउसे चान आकासे" का लोकार्पण समारोह तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में आयोजित किया गया

जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद के 59वें प्रकाशन डाॅo वीणा पाण्डेय ‘भारती’ कृत भोजपुरी काव्य संग्रह ‘सँउसे चान आकासे’ लोकार्पित


जमशेदपुर- नगर की अग्रणी साहित्यिक संस्था ‘ जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद्’ के 59वां फूल के रुप में प्रकाशित एवं ‘ सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/ तुलसी भवन के विशेष सहयोग से शहर की जानी पहचानी कवयित्री डाॅo वीणा पाण्डेय भारती रचित भोजपुरी काव्य संग्रह ” सँउसे चान आकासे” का लोकार्पण समारोह तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में आयोजित किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि झारखंड के सेवानिवृत्त मुख्य कारखाना निरीक्षक श्री अरुण मिश्रा एवं विशिष्ट अतिथि द्वय तुलसी भवन के अध्यक्ष श्री सुभाष चन्द्र मुनका तथा तुलसी भवन साहित्य समिति की मार्गदर्शिका डाॅo रागिनी भूषण उपस्थित रहे

<img src="https://newjharkhandvani.in/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260312-WA0060-169×300.jpg" alt="" width="169" height="300" class="alignnone size-medium wp-imawp-image-546
कार्यक्रम की अध्यक्षता जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष डाॅo प्रसेनजित तिवारी तथा संचालन श्री सूरज सिंह राजपूत ने की । जबकि स्वागत भाषण संस्था के प्रधान सचिव डाॅ० अयय कुमार ओझा एवं धन्यवाद ज्ञापन परिषद् के संगठन सचिव कैलाश नाथ शर्मा ने दी
कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्जवलन एवं माँ सरस्वती के तस्वीर पर पुष्पार्पण के बाद विन्ध्यवासिनी तिवारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से की गई । ततश्चात अतिथियों द्वारा पुस्तक लोकार्पित किये जाने के उपरान्त हरिहर राय चौहान ने पुस्तक पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शब्दों और भावों के चित्रकारी से यह संग्रह भरा पड़ा है । भाषा सरल, सटीक, प्रवाहमय और गेय है । श्रृंगार, भक्ति, देशभक्ति, कृषि, संस्कार, परंपरा, स्वागत, विरह-मिलन वगैरह गीतों से यह संग्रह जीवंत होने के कारण वीणा की कवयित्री मन के बहुआयामी व्यक्तित्व का दर्शन कराता है । मेरे समझ से 'सँउसे चान आकासे' अपने काव्यात्मकता और लयात्मकता के चलते पाठकों के पसंद के पैमाने पर खरा उतरेगा । कवयित्री डाॅo भारती का साहित्यिक जीवन परिचय रीना सिन्हा सलोनी ने बड़े ही सुन्दर अंदाज में प्रस्तुत की । जबकि डाॅo यमुना तिवारी 'व्यथित' ने इसे अपनी काव्य शैली मेंं प्रस्तुत किया ।इस मौके पर मुख्य अतिथि अरुण मिश्रा ने अपने संबोधन में डाॅo भारती एवं उनकी रचनाओं का भूरि-भूरि प्रशंसा की । जबकि गैर भोजपुरी भाषी विशिष्ट अतिथिद्वय ने भी भोजपुरी में अपनी बातें रखी ।
इस अवसर पर मुख्य रुप से सतीन्द्र नाथ पाण्डेय, हिमान्शु पाण्डेय, डाॅ० उदय प्रताप हयात, नीलाम्बर चौधरी,वसंत जमशेदपुरी, सुरेश चन्द्र झा , प्रतिभा प्रसाद कुमकुम, हरभजन सिंह रहबर, बलविन्दर सिंह, वरुण प्रभात, डाॅo आशा गुप्ता, मंजू ठाकुर, शिव नन्दन सिंह, राजदेव सिन्हा, चन्द्रकान्त, दिलीप ओझा, अनिरुद्ध त्रिपाठी अशेष, उपासना सिन्हा, सुदीप्ता जेठी राउत,पूनम शर्मा स्नेहिल, पूनम महानंद, अशोक पाठक स्नेही, ज्योत्सना अस्थाना, शीतल प्रसाद दुबे सहित शताधिक साहित्यकार वृंद एवं भोजपुरी प्रेमी जन उपस्थित रहे ।

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