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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चाकुलिया में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया

इस महत्वपूर्ण सेमिनार में भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया

चाकुलिया- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चाकुलिया में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया
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इस महत्वपूर्ण सेमिनार में भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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भारतीय ज्ञान परंपरा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता ए आई के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और मॉडर्न तकनीकी विकास के साथ एन ई पी 2020 में योगदान को लेकर विविध शिक्षकों के साथ प्रतिभागियों ने अपना शोध प्रपत्र प्रस्तुत किया।


इस सेमिनार की अवधि दो दिवसीय थी। प्रथम दिवस में कार्यक्रम के लिए सर्वप्रथम पंजीयन और किट वितरण किया गया एवं सेमिनार में उपस्थित गणमान्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य सचिव विक्टर विजय समद के द्वारा अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया । मौके पर उपस्थित प्रभारी प्राचार्य रामनाथ सिंह के द्वारा कार्यक्रम के सार रूप के साथ विषय प्रवेश कराया गया । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर त्रिपुरा झा ने अपने संबोधन में विषय की संक्षिप्त रूप रेखा रखी मौके पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर संध्या सिन्हा ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं ए आई को सेवक और स्वयं को मुख्य एवं नियंत्रक के रूप में रखने की सलाह दी। इसके बाद मुख्य अतिथि के रूप में डॉ० लक्ष्मी राम गोप ने ए आई में संपूर्ण भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित कर खुद से उसे नियंत्रित करने की सलाह दी इसके बाद सेमिनार स्मारिका का विमोचन किया गया ।उसके बाद तकनीकी सत्र एवं प्रपत्र वाचन कार्यक्रम में प्रस्तुति की गई।इस तरह प्रपत्र वाचन किया गया।
सेमिनार के दूसरे दिन में 18 मार्च को पुनः दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आज के इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में एन आई टी जमशेदपुर के आईसीटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर संजय कुमार तथा एडवाइजरी समिति की अध्यक्ष डॉ त्रिपुरा झा मुख्य रूप से थी। कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद लगभग 40 लोगों ने पेपर प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉक्टर संजय कुमार का वक्तव्य हुआ जिसमें उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को सभी दर्शनों के साथ जोड़कर उससे प्राप्त निष्कर्ष को दिखाया। आज के कार्यक्रम में स्वागत भाषण विक्टर विजय समद ने दिया सेमिनार के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर प्रियंका झा के द्वारा दिया गया। सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम के अंत में प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कुछ प्रतिभागियों से फीडबैक भी लिया गया और कार्यक्रम के लिए आने वाले दिनों के लिए सुझाव प्राप्त किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम संपादन में समस्त संकाय सदस्य रामनाथ सिंह , बसंत कुमार मुंडा, अंकिता चंपा मुर्मू, जूथिका भगत और डॉ रजनी रंजन ने महती भूमिका निभाई ।जबकि आयोजन समिति ने दायित्व पूर्वक अपने कार्यों का निर्वहन किया । जिनमें मुख्य रूप से शोभा कुजूर, उषा बाखला, किरण बाला,आदि की भूमिका रही ।

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