होलिका दहन के साथ ही आज से होली की शुरुआत हो चुकी है। होली जहां प्रेम भाईचारा उत्साह और उमंग का प्रतीक है
वहीं यह संदेश देता है कि असत्य पर सत्य की विजय अवश्य होती है। भगवान पर जिसका विश्वास होता है, उसे अग्नि वायु जल कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है भक्त प्रहलाद

जमशेदपुर- होलिका दहन के साथ ही आज से होली की शुरुआत हो चुकी है। होली जहां प्रेम भाईचारा उत्साह और उमंग का प्रतीक है, वहीं यह संदेश देता है कि असत्य पर सत्य की विजय अवश्य होती है। भगवान पर जिसका विश्वास होता है, उसे अग्नि वायु जल कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है भक्त प्रहलाद। जिसे उसकी बुआ होलिका ने अपने गोद पर बैठकर चिता पर बैठी थी, लेकिन होलिका जल गई और प्रहलाद प्रभु नारायण की कृपा से बच गया।इस अवसर पर लोग एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाते हैं। खाते पीते हैं, गले मिलते हैं। नाचते गाते हैं।
पारंपरिक ढंग से आज जमशेदपुर सर्किट हाउस एरिया स्थित नेचर ट्रेल पार्क में जुबली पार्क मॉर्निंग ग्रुप द्वारा बहुत ही हर्षोल्लास और उत्साह से होली खेली गई। होली गीत पर सभी लोग नाशचते झूमते नजर आए। सभी सदस्य एक ही तरह के परिधान में नजर आए। इस अवसर पर सभी के गले पर भगवा दुपट्टा आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। सनातन धर्म के प्रतीक यह भगवा रंग जब गुलाल के रूप में मिलकर चेहरे पर लगता है, तो एक अलग ही सौंदर्य का बोध होता है।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भवानी शंकर अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, पवन अग्रवाल, देवेंद्र सिंह, संजय अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, मोहन, राजेंद्र, विशाल, राजेश, दिनेश, विवाव ,महावीर, कमल, नीरज, कृष्ण अग्रवाल आदि उपस्थित थे।




