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हजारीबाग में 12 वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी पर जमशेदपुर में उबाल

जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष भाजपा ने किया धरना-प्रदर्शन, विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार पर बोला हमला

हजारीबाग में 12 वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी पर जमशेदपुर में उबाल,

जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष भाजपा ने किया धरना-प्रदर्शन, विधायक पूर्णिमा साहू ने सरकार पर बोला हमला

जमशेदपुर हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे झारखंड को आक्रोश से भर दिया है। इस वीभत्स वारदात के खिलाफ राज्यभर में गुस्सा उबाल पर है। इसी क्रम में, सोमवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर महिला मोर्चा के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलू मछुआ के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा समेत कई नेतागण मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर झामुमो-कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद महिला मोर्चा की ओर से उप विकास आयुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, कठोरतम सजा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई।।

हेमंत है तो हिम्मत है का नारा अपराधियों की हिम्मत का प्रतीक- पूर्णिमा साहू

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘हेमंत है तो हिम्मत है’ का नारा आज अपराधियों पर पूरी तरह लागू हो रहा है। राज्य में अपराधियों का मनोबल चरम पर है और सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि चैत्र नवरात्र और रामनवमी जैसे पावन अवसर पर एक 12 वर्षीय मासूम, जो मंगलवारी जुलूस देखने निकली थी, उसका अपहरण कर दरिंदों ने दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि दरिंदगी की हद पार करते हुए बच्ची के शव के साथ अमानवीय बर्बरता की गई, आंखें निकाली गईं, जीभ काटी गई और दांत तोड़े गए। यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। इस दौरान पूर्णिमा साहू ने भावुक होकर कहा कि उनका दिल सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक मां और एक बहन के रूप में भी रो रहा है।

पूर्णिमा साहू ने कहा कि राज्य में महिला सुरक्षा की स्थिति भयावह है। पिछले साढ़े 6 साल में सरकार महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष तक नियुक्त नहीं कर पाई, हजारों मामले लंबित हैं। आखिर बेटियों को न्याय कब मिलेगा। उन्होंने मांग की कि विष्णुगढ़ मामले में संलिप्त सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर फांसी की सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा व सुरक्षा प्रदान की जाए।

संवेदनहीनता की हदें पार, शासन- प्रशासन बना तमाशबीन- संजीव सिन्हा

वहीं भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि घटना के 7 दिन बाद भी दोषी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। यह सरकार सिर्फ योजना के नाम पर महिला सम्मान की बातें करती है, लेकिन जमीनी हकीकत भयावह है। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक न तो पुलिस अधीक्षक और न ही उपायुक्त ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय रवैया है। उन्होंने हाल में शहर में हुए युवा कारोबारी के अपहरण मामले में प्रशासन की सुस्ती का भी जिक्र किया और कहा कि भाजपा के दवाब के बाद ही सरकार और प्रशासन हरकत में आयी। संजीव सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा चरणबद्ध आंदोलन छेड़ेगी।

महिला उत्पीड़न का केंद्र बन चुका है झारखंड- नीलू मछुआ

महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलू मछुआ ने कहा कि राज्य सरकार की अक्षमता और संवेदनहीनता के कारण झारखंड आज महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं का गढ़ बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के 6 वर्षों का कार्यकाल बहन-बेटियों के खून से सना हुआ है। उन्होंने रूपा तिर्की और संध्या टोपनो जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में लगातार बेटियों के खिलाफ जघन्य अपराध हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर साल लगभग 6 हजार मामले दुष्कर्म और महिला उत्पीड़न के दर्ज हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में न्याय की उम्मीद किनसे की जाए।

धरना प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष गुंजन यादव, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, जिला पदाधिकारी राजीव सिंह, अनिल मोदी, संजीव सिंह, पप्पू सिंह, जितेंद्र राय, कृष्णा शर्मा काली, प्रेम झा, ज्ञान प्रकाश, बिनोद सिंह, उज्ज्वल सिंह, किशोर ओझा, अमित सिंह, नीतीश कुशवाहा, सागर राय, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष शांति देवी, रूबी झा, श्वेता कुमारी, रीना चौधरी, ममता सिंह, मीरा सिंह, सुशीला शर्मा, संजना साहू, सुनीता सिंह, मीरा शर्मा, रेणु झा, सुधा यादव, स्नेहलता, गौरी कुमारी, नीनू कुदादा, सीमा मंडल, रेणुका कालिंदी, कांची लोहार, पप्पू उपाध्याय, बिनोद राय, रविंद्र सिसोदिया, प्रशांत पोद्दार, कुमार अभिषेक, रितेश झा, आनंद शर्मा, संदीप शर्मा बौबी, शैलेश गुप्ता, सुमित शर्मा, तन्मय झा, हरेराम यादव, चिंटू सिंह, नौशाद खान, मनोज सिंह, संगीता शर्मा, सीमा दास समेत सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता और आमजन मौजूद रहे।

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