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सांस्कृतिक केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति, कहा- युवा भटक रहे, उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान की जरुरत

जमशेदपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक सांस्कृतिक केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं.

सांस्कृतिक केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं राष्ट्रपति, कहा- युवा भटक रहे, उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान की जरुरत

जमशेदपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक सांस्कृतिक केंद्र के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं.

जमशेदपुर- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जमशेदपुर के कदमा में मेरिन ड्राइव के पास श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र और श्री जगन्नाथ मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया. उन्होंने कहा कि आज युवा भटक रहे हैं उन्हें जागृत करने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान की जरुरत है.

जमशेदपुर में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कदमा मेरिन ड्राइव के पास श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक सांस्कृतिक केंद्र एवं पूरी की तर्ज पर बनने वाला श्री जगन्नाथ मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जमशेदपुर लोकसभा सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, विधायक सबिता महतो, टाटा स्टील के एमडी सह सीईओ टीवी नरेन्द्रन और ट्रस्ट के चेयरमैन एस के बेहेरा मौजूद रहे.

जमशेदपुर सोनरी एयरपोर्ट से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कार्यक्रम स्थल पहुंची. जहां भूमि पूजन के बाद वह मंच को साझा किया मंच पर तमाम अतिथि गण मौजूद रहे दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ.

जमशेदपुर में भारत की  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कदमा मेरिन ड्राइव के पास श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक सांस्कृतिक केंद्र एवं पूरी की तर्ज पर बनने वाला श्री जगन्नाथ मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जमशेदपुर लोकसभा सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, विधायक सबिता महतो, टाटा स्टील के एमडी सह सीईओ टीवी नरेन्द्रन और ट्रस्ट के चेयरमैन एस के बेहरा मौजूद रहे.

जमशेदपुर सोनरी एयरपोर्ट से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कार्यक्रम स्थल पहुंची. जहां भूमि पूजन के बाद वह मंच को साझा किया मंच पर तमाम अतिथि गण मौजूद रहे दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ.
बता दें कि श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक सांस्कृतिक केंद्र में योगा मेडिटेशन गीता का पाठ पढ़ाया जाएगा स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं यहां ज्ञान प्राप्त करेंगे, उन्हें रहने के लिए छात्रावास की व्यवस्था भी रहेगी. युवा सशक्तिकरण और आध्यात्मिक शिक्षा को केंद्र में रखकर श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा ऐतिहासिक परियोजना की शुरुआत की गई है. यह परियोजना केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

ट्रस्टी एसके बेहेरा ने कहा कि 2.5 एकड़ भूमि में श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर दो वर्षो एवं मुख्य मंदिर के निर्माण में लगभग चार वर्ष लगेंगे, ये लगभग सौ करोड़ की यह योजना है. लेकिन आध्यात्मिक केंद्र को प्राथमिकता देकर शीघ्र शुरू किया जाएगा. यह केंद्र शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए आध्यात्मिक विज्ञान एवं सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन स्थल बनेगा.
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के जमशेदपुर में ट्रस्ट के माध्यम से यह जो प्रयास किया जा रहा है यह काफी सराहनीय है. आने वाले दिन में यह स्थल आध्यात्म की दृष्टि से प्रेरणादायक साबित होगा. वहीं झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि जमशेदपुर उद्योग नगरी के साथ-साथ आदर्श नगर के रूप में प्रख्यात होगा. जमशेदजी नसरवन जी टाटा का जो सपना था वह आज धरातल पर दिखता नजर आ रहा है.
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने कहा द्रौपदी मुर्मू ने जय जगन्नाथ की उद्घोष से अपना अभिभाषण शुरू किया. उन्होंने ट्रस्ट को इसे आध्यात्मिक कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि जब मैं झारखंड की सेवा में थी तब से इस पल का इंतजार कर रही थी आज का यह सही समय है जो हम सब इसके साक्षी बना रहे हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि आज देश-विदेश में रथ यात्रा हो रहा है, जगन्नाथ मंदिर का निर्माण हो रहा है जो एक सकारात्मक पहल है. लोगों में भक्ति भावना के जाग्रत होने से सकारात्मक सोच की उपज होती है. आदिवासी समाज पेड़-पौधे की पूजा करता है जो एक शिक्षा है हमें पर्यावरण के प्रति भी सजग रहने की जरूरत है. हमें केवल प्रार्थना से ही नहीं आध्यात्मिक चेतना जागने की जरूरत है और यहां विशेष कर बालिकाओं के लिए सार्थक प्रयास करने की जरूरत है. राष्ट्रपति ने कहा कि आत्मा का भोजन गीता में मौजूद है इसे साधने की जरूरत है. आजकी  युवा पीढ़ी भटक रही है उसे सही रूप से जागृत करने के लिए आत्मा आध्यात्मिक ज्ञान का होना आवश्यक है.

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