मानगो नगर निगम का चुनाव 23 फरवरी को होना है। जैसे-जैसे समय नजदीक आती जा रही है, चुनाव प्रचार जोर पकड़ता जा रहा है
सभी प्रत्याशी घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। मानगो नगर निगम में मेयर के कुल 13 प्रत्याशी हैं। जिसमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता और दो बार भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव भी मेयर का चुनाव लड़ रही है
जमशेदपुर- मानगो नगर निगम का चुनाव 23 फरवरी को होना है। जैसे-जैसे समय नजदीक आती जा रही है, चुनाव प्रचार जोर पकड़ता जा रहा है।
सभी प्रत्याशी घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। मानगो नगर निगम में मेयर के कुल 13 प्रत्याशी हैं। जिसमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता और दो बार भाजपा के जिला अध्यक्ष रहे राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव भी मेयर का चुनाव लड़ रही है।
सुधा गुप्ता ने चुनाव प्रचार के दौरान संवाददाता को बताया कि मेरी प्राथमिकता पानी की व्यवस्था, कचरा का उठाव, नाली की सफाई है।
उन्होंने कहा कि मैं महिलाओं को रोजगार से जोडूंगी। महिला सुरक्षा के लिए प्रत्येक चौक चौराहों पर महिला पुलिस की तैनाती करूंगी।
उन्होंने कहा कि मैं जहां जा रही हूं, सभी कह रहे हैं कि बन्ना गुप्ता ने काफी विकास किया है।
वहीं पूर्व जिला अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, पानी की समस्या और गहरी होती जा रही है। हमने देखा कि हर गलियों में गंदगी का अंबार लगा है।
मेरी प्राथमिकता पानी की व्यवस्था, साफ सफाई, शिक्षा को बढ़ाना और बच्चों के स्वास्थ्य सेवा पर ध्यान देना है।
उन्होंने कहा कि 44 साल से अधिक मेरे पति राजकुमार श्रीवास्तव भाजपा में रहे। वह घर से बाहर रहते थे और हम घर संभालते थे। मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे उन्होंने बीच मझधार में नहीं छोड़ा, बल्कि मेरे लिए पार्टी को छोड़ दिया। इसका मुझे गर्व है।
वहीं राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह दो बार जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में धनबाद के प्रभारी थे। हमें भाजपा ने जो भी जिम्मेदारी दी, उसे पूरे निष्ठा के साथ पूरा किया।
उन्होंने बताया कि बाबूलाल मरांडी और सभी नेताओं को सूचित कर मैंने अपनी पत्नी को खड़ा किया। भाजपा जिस उम्मीदवार को समर्थन दे रही है, उनके पति नीरज सिंह ने कहा कि मैं अपनी पत्नी को चुनाव में नहीं खड़ा करूंगा। तभी हमने अपनी पत्नी को खड़ा किया है, लेकिन जब बारी आई की या तो पत्नी का साथ छोड़ो या बीजेपी से नाता तोड़ो, तो मैं ने पत्नी को चुना, जो मेरा साथ आजीवन निभाती आ रही है और मैंने भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।



