जमशेदपुर में शेफ ग्रेजुएशन शिरोमणि का आयोजन किया। जिसमें अपने कमिंग शेफ को सर्टिफिकेट और कोट देकर सम्मानित किया
उन्होंने बताया कि अब तक हमने 18, 000 लोगों को प्रशिक्षण दिया है। जो अपना बिजनेस देश और विदेश में कर रहे हैं

जमशेदपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का कहना है कि आप नौकरी के पीछे ना भागे, खुद अपना स्टार्टअप शुरू करें और आप नौकरी देने वाला बनिये
वहीं वह महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हैं। इसका सबसे सुंदर उदाहरण डॉ शेफ प्रिया गुप्ता है। जो पिछले 21 वर्षों से कुकरी क्लासेस चला रही है। आज उन्होंने जमशेदपुर में शेफ ग्रेजुएशन शिरोमणि का आयोजन किया। जिसमें अपने कमिंग शेफ को सर्टिफिकेट और कोट देकर सम्मानित किया।
उन्होंने बताया कि अब तक हमने 18, 000 लोगों को प्रशिक्षण दिया है। जो अपना बिजनेस देश और विदेश में कर रहे हैं।
वह बताती है कि हम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरफ से प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उनका कहना था कि यह जरूरी नहीं है कि आप डॉक्टर और इंजीनियर बनकर ही अपना करियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया शेफ बनाकर भी आप काम कर सकते हैं। जो महिला घर से नहीं निकल सकती है और काम करना चाहती है, वह अपने घर से भी अपना बिजनेस चला सकती है।
वही प्रिया गुप्ता की मां प्रमिला देवी ने कहा कि प्रिया पहले खुद खाना बनाने का ट्रेनिंग ली। आगे पढ़ाई की और इस क्षेत्र में पीएचडी की है। उसके बाद वह कई लोगों को स्वावलंबी बनाई है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सामाजिक एवं सांस्कृतिक कर्मी पूर्वी घोष का कहना है कि प्रिया गुप्ता महिला सशक्तिकरण का ज्वलंत उदाहरण है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो पौध तैयार कर रही है, उसमें भारत सरकार की भी मानता है।
उन्होंने कहा कि महिला को स्वावलंबी बनाकर उसे रुपया कमाने का अवसर प्रदान कर रही है।
दूसरी ओर आज सम्मानित और सर्टिफिकेट पाने वाली शेफ झूमा, देवी क्षेत्रीय, जयंती सोय, अंजलि, प्रिया अग्रवाल, अनुशीलन मैत्री का कहना है कि हमें बहुत अच्छी तरह से प्रिया जी ने बेकरी और अन्य चीज बनाना सिखाया है। आज हम लोग अपने घर से बिजनेस चला रहे हैं। किसी ने कहा कि हमने अपना दुकान खोल लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को जिस प्रकार बढ़ावा दिया है, उसी प्रकार प्रिया गुप्ता ने भी महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। हम चार लोगों को अपने यहां काम पर रखे हैं। इस तरह सभी लोग बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग झारखंड के अलग-अलग स्थान से आए हुए हैं और आज सर्टिफिकेट और कोर्ट पा कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।




