झारखंड राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड की रापचा पंचायत अंतर्गत पदमपुर गाँव में दिनांक 22 फ़रवरी 2026 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर के विद्यार्थियों द्वारा ‘उन्नत भारत अभियान (UBA)’ की संकल्पना के अनुरूप ग्राम एवं घरेलू सर्वेक्षण सह शैक्षणिक एवं सामाजिक भ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया
उन्नत भारत अभियान की मूल अवधारणा उच्च शिक्षण संस्थानों को ग्रामीण भारत से जोड़ते हुए ग्रामों के समग्र, सतत एवं सहभागी विकास को प्रोत्साहित करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु विद्यार्थियों ने पदमपुर गाँव में पहुँचकर वहाँ की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं आधारभूत परिस्थितियों का विस्तृत एवं तथ्यात्मक अध्ययन किया

उन्नत भारत अभियान (UBA) के अंतर्गत पदमपुर ग्राम सर्वेक्षण एवं सामाजिक-शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम
झारखंड राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड की रापचा पंचायत अंतर्गत पदमपुर गाँव में दिनांक 22 फ़रवरी 2026 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर के विद्यार्थियों द्वारा ‘उन्नत भारत अभियान (UBA)’ की संकल्पना के अनुरूप ग्राम एवं घरेलू सर्वेक्षण सह शैक्षणिक एवं सामाजिक भ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
उन्नत भारत अभियान की मूल अवधारणा उच्च शिक्षण संस्थानों को ग्रामीण भारत से जोड़ते हुए ग्रामों के समग्र, सतत एवं सहभागी विकास को प्रोत्साहित करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु विद्यार्थियों ने पदमपुर गाँव में पहुँचकर वहाँ की सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं आधारभूत परिस्थितियों का विस्तृत एवं तथ्यात्मक अध्ययन किया सर्वेक्षण के दौरान स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, विद्यालयी शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, आजीविका के साधन तथा सरकारी योजनाओं की पहुँच जैसे प्रमुख विषयों का सूक्ष्म अवलोकन किया गया।
विद्यार्थियों द्वारा घर-घर जाकर संवादात्मक सर्वेक्षण किया गया, जिससे ग्रामवासियों की वास्तविक समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं का प्रत्यक्ष आकलन संभव हो सका। इस दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, शिक्षा, तकनीकी साक्षरता, आत्मनिर्भरता तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, समुदाय के साथ सहभागितापूर्ण संवाद स्थापित कर स्थानीय ज्ञान, परंपराओं एवं सामुदायिक संरचना को समझने का प्रयास किया गया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन की वास्तविक परिस्थितियों, सामाजिक संरचना, संसाधन प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता की गहन समझ प्राप्त हुई। विद्यार्थियों ने सीखा कि सतत विकास केवल तकनीकी समाधान से नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता, जनभागीदारी एवं स्थानीय आवश्यकताओं की समझ से संभव है। उन्हें नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, संवाद कौशल, समस्या-विश्लेषण, डेटा संग्रहण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक कौशलों का अनुभवात्मक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। साथ ही, उन्होंने यह भी समझा कि शिक्षा और तकनीक का प्रभावी उपयोग ग्रामीण विकास, ग्राम स्वावलंबन एवं जीवन गुणवत्ता में सुधार के लिए एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए केवल एक शैक्षणिक गतिविधि न होकर “अनुभव आधारित अधिगम” (Experiential Learning) का सशक्त उदाहरण सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील, जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक बनने की प्रेरणा प्रदान की।
यह कार्यक्रम उन्नत भारत अभियान के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. शक्ति प्रसाद तथा सदस्य डॉ. दुलारी हाँसदा के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में ‘इंडियन वेलफेयर सोसायटी’ के प्रमुख श्री मुकेश कुमार दास एवं सदस्यों में श्रीमती सोनी दास सहित कुल 5 सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जबकि कार्यक्रम का संचालन सीनियर प्रोजेक्ट असिस्टेंट श्री धीरज कुमार द्वारा किया गया।
ग्रामवासियों ने संस्थान की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनोपयोगी कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित यह ग्राम सर्वेक्षण कार्यक्रम ग्रामीण विकास, संस्थान-समुदाय सहभागिता तथा सतत सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक एवं सार्थक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ शक्ति प्रसाद रिजनल कॉर्डिनेटर क्षेत्रीय समन्वय संस्थान (RCI), उन्नत भारत अभियान (UBA),राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर




