भोपाल में हुए अमरीकी बहुराष्ट्रीय कम्पनी युनियन कार्बाइड के गैस त्रासदी को कैसे भूला सकता है
उसमें हजारों लोग मरे और लाखों लोग भयानक रूप से घायल हुए तथा गंभीर बीमारी और विकलांगता का शिकार हुए।पर , युनियन कार्बाइड के मालिक या प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई

भोपाल में हुए अमरीकी बहुराष्ट्रीय कम्पनी युनियन कार्बाइड के गैस त्रासदी को कैसे भूला सकता है
उसमें हजारों लोग मरे और लाखों लोग भयानक रूप से घायल हुए तथा गंभीर बीमारी और विकलांगता का शिकार हुए।पर , युनियन कार्बाइड के मालिक या प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केन्द्र सरकार अपने हठधर्मी और गलत रवैया से बीमा क्षेत्र में 100% बिदेशी निवेश को न्योता दिया है।अभी बिदेशी निवेशक व बहुराष्ट्रीय निगम हमारे बीमा कंपनियों को बेलगाम खरीद सकते हैं। देश के प्रमुख बीमा संस्था जीवन बीमा निगम (एल आई सी)किसी बिदेशी वित्तीय संस्था के हाथ जा सकता है और अगर वह डुब जाता है तब एल आई सी में निवेश किए लाखों-लाख लोगों का क्या होगा ? इसलिए हमारे देश और हम सब के लिए यह एक खतरनाक कदम है।
इस रूप से वर्तमान सरकार द्वारा लागू किए गए औद्योगिक और आर्थिक नीतियां पूर्णतः मजदूर विरोधी,जन विरोधी तथा भारत विरोधी है।ये कानून हमारे समाज के उत्पीड़ित समूह और गरीब जनता के जीवन को और भी दयनीय बनाएगा।
ऐसी परिस्थिति में भारत के लोग खासकर मजदूर और किसानों के पास संघर्ष के सिवाय और कोई रास्ता नहीं बचा है।अतः हम मजदूर वर्ग के पास इस अखिल भारतीय हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल करने का आहवान करते हैं।




